अचानक सूरजकुंड मेले से गायब हो गई फरीदाबाद की मेयर सुमनबाला

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FARIDABAD NEWS ( SANJAY KAPOOR ) अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला आरंभ होने से पहले ही विवादों में गिर गया है। टूरिज्म विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सूरजकुंड मेले  के निमंत्रण पत्र परेशानी का कारण बनते दिखाई दे रहे हैं। मेले के निमंत्रण पत्र से फरीदाबाद की प्रथम नागरिक यानि कि महापौर सुमन बाला का नाम गायब है! हरियाणा टूरिज्म विभाग के अधिकारियों ने मेले के निमंत्रण पत्रों में मंत्री, सांसद एवं विधायकों के नाम छपवाएं हैं, लेकिन उनकी मनमानी देखिए कि फरीदाबाद की प्रथम नागरिक को सम्मान देना उन्होंने उचित तक नहीं समझा, हालांकि प्रथम नागरिक के तौर पर मेयर फरीदाबाद श्रीमती सुमन बाला का नाम निमंत्रण पत्रों में प्रमुखता से छापा जाना चाहिए था, लेकिन यह मुद्दा फरीदाबाद प्रशासन सहित टूरिज्म विभाग के अधिकारियों के लिए गले की फांस बन सकता है  इस बारे में जब मेयर सुमन बाला से बात की गई तो उन्होंने भी इस पर नाराजगी जताई , उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह अधिकारियों से लेकर विधायक,  मंत्री  सांसद से इसकी शिकायत करेंगे ,  परंतु वह इस मामले को मीडिया में लाकर कोई हंगामा खड़ा नहीं करना चाहती ।

यहां बता दें कि सूरजकुंड मेला हर वर्ष 2 फरवरी को लगाया जाता है। इस मेले में देश विदेश के शिल्पकारों को अपने सामान को प्रदर्शित करने का उचित प्लेटफार्म  मुहैया करवाया जाता है। यह मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पा चुका है। इस बार इस मेले की थीम उत्तर प्रदेश पर आधारित है। मेले में उत्तर प्रदेश के कलाकृति एवं उपलब्धियों का बखान होगा । मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे  । इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल , केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर,  उत्तर प्रदेश की टूरिज्म मंत्री रीता बहुगुणा जोशी,  हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल सहित प्रदेश के टूरिज्म मंत्री रामविलास शर्मा एवं केंद्र और हरियाणा सरकार के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहेंगे। लेकिन वहीं दूसरी ओर मेल के निमंत्रण पत्रों से मेयर सुमनबाला का नाम गायब कर देना मीडिया की सुर्खियां बन सकता है। इस बारे में बारे में मेला प्रवक्ता राजेश जून से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। परंतु हरियाणा टूरिज्म के एमडी समीरपाल सरो ने अपना पक्ष  देते हुए कहा  कि मेला  प्रशासक  की भूमिका  केंद्र  सरकार  के अधीन  रहती है , इसलिए  निमंत्रण पत्र पर  नाम छापने  का निर्णय  भी उनके स्तर पर  होता है ! इसमें  हरियाणा टूरिज्म  या  जिला प्रशासन  कि  कोई भूमिका  नहीं होती , जहां तक  उनकी जानकारी में  है  इससे पहले  भी  मेयर का नाम  सूरजकुंड मेले  के निमंत्रण  पत्रों में  नहीं  छापा गया है  फिर भी  वह अपने स्तर पर  इस विषय में  जांच करेंगे ! दूसरी ओर इस बारे में नगर निगम के पूर्व मेयर अशोक अरोड़ा ने कहा कि यह सीधे तौर पर मेयर फरीदाबाद की 22 लाख की आबादी का अपमान है। उनके अनुसार इसके लिए जहां अधिकारी दोषी हैं, उससे अधिक दोषी स्थानीय विधायक , मंत्री सांसद भी हैं, जिनमें हमेशा असुरक्षा की भावना रहती है कि कहीं मेयर उनसे आगे ना निकल जाए। उनके कार्यकाल में भी ऐसा हो चुका है, जिसकी उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत भी की थी।

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