सैनिक कालोनी: सिटी मेल की खबर का असर, नगर निगम ने बजाया धुन्ना का ढोल

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FARIDABAD NEWS (SANJAY KAPOOR ) सैनिक कालोनी सैक्टर 49 में होने वाली खुली नीलामी पर नगर निगम ने रोक लगा दी है। सिटी मेल ने सैनिक कालोनी सोसायटी द्वारा की जाने वाली नीलामी की खबर को सबसे पहले व प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। नगर निगम ने इस संदर्भ में राज्य सरकार, लोकल बॉडी हरियाणा, सोसायटी ऑफ रजिस्ट्रार हरियाणा, जिला उपायुक्त, पुलिस कमिश्नर एवं सैनिक कालोनी सोसायटी को पत्र लिखकर अवगत करवा दिया है।
निगम प्रशासन के इस कदम से सैनिक कालोनी सोसायटी के प्रधान राकेश धुन्ना एवं उनके समर्थक सदमे की हालत में हैं। यहां बता दें कि सैनिक कालोनी सोसायटी के प्रधान राकेश धुन्ना ने 27 जनवरी को एक खुली नीलामी का आयोजन रखा था। सैनिक कालोनी के गेट नंबर 4 गांव नवादा की जड़ में स्थित सोसायटी जमीन पर उन्होंने दुकानें, बूथ एवं स्कूल साईट की नीलामी के लिए अखबार में एक विज्ञापन जारी किया था। सोसायटी अध्यक्ष राकेश धुन्ना की नीयत देखो कि जिस अखबार में यह विज्ञापन जारी किया गया था, कहने को तो वह एक राष्ट्रीय अखबार है, मगर फरीदाबाद में उसकी प्रसार संख्या ना के बराबर है। चर्चा है कि प्रधान राकेश धुन्ना इस नीलामी की खबर को छुपाने चाहते थे। इसलिए उन्होंने सोसायटी की जमीनों की नीलामी की सूचना उस अखबार में दी, जिसकी रीडरशिप फरीदाबाद में ना के बराबर है। परंतु सिटी मेल ने इस दबी छुपी खबर को प्रकाशित कर इसका खुलासा कर दिया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया और तत्काल सोसायटी की खुली नीलामी पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए।
उल्लेखनीय है कि सैनिक कालोनी सोसायटी के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। इतनी संपत्ति होने के बावजूद भी सोसायटी पर सरकार का करोड़ों रुपए बकाया है। लेकिन सोसायटी के प्रधान राकेश धुन्ना इस संपत्ति को कथित तौर पर एक बिल्डर के साथ मिलकर खुर्द बुर्द करने के आरोप हैं। उन पर काफी संपत्ति एक बिल्डर को औने पौने दामों पर बेचने के आरोप भी है। लोगों का कहना है कि इस संपत्ति को बेचकर वह सरकार का बकाया चुकाने की बजाए ना जाने किन कामों में लगा चुके है। यही वजह है कि सोसायटी पर नगर निगम एवं टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग के करोड़ों रुपए आज भी खड़े हुए हैं। जिसका खामियाजा कालोनी में रहने वाले हजारों लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध ना होने की सूरत में भुगतना पड़ रहा है। हालांकि बडख़ल क्षेत्र की विधायक सीमा त्रिखा इस कालोनी को नगर निगम के अधीन करवाने के लिए मुख्यमंत्री की मार्फत घोषणा भी करवा चुकी है। लेकिन इस घोषणा को हुए भी कई साल हो गए। नगर निगम चुनाव के बाद वार्ड नंबर 16 के पार्षद राकेश भड़ाना ने जब इस मुद्दे को उठाया, तब सरकार व प्रशासन हरकत में आए। पार्षद भड़ाना ने नगर निगम सदन की बैठक में हर बार सैनिक कालोनी का मुद्दा उठाया। इसके बाद निगम प्रशासन ने कालोनी को टेकओवर करने का निर्णय लिया। लेकिन यह कालोनी तभी टेकओवर हो सकती है, जब सोसायटी द्वारा नगर निगम को 15 करोड़ 78 लाख रुपए जनसुविधाओं के मद में और ढाई करोड़ रुपए ईडीसी का भुगतान कर दे। परंतु कालोनी के लोगों का कहना है कि सोसायटी के प्रधान राकेश धुन्ना यह राशि चुकाने की बजाए सीएम घोषणा की आड़ में नगर निगम के खजाने का नुक्सान पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि धुन्ना चाहे तो चुटकियों में उक्त राशि चुकाकर कालोनी को नगर निगम के अधीन करवा सकता है। पंरतु लोगों के अनुसार उनकी नीयत तो सोसायटी की करोड़ों रुपए की संपत्ति में अटकी हुई है। यह बात जानते हुए भी विधायक सीमा त्रिखा अंजान बनी हुई है। सिटी मेल न्यूज ने इस बात को प्रमुखता से उठाया, उसके बाद मीडिया में यह खबर सुर्खियां बन गई। तब नगर निगम प्रशासन की भी नींद खुली और सोसायटी प्रधान धुन्ना द्वारा नीलामी में जमीन बेचने की घोषणा पर रोक लगा दी। वहीं इस मुद्दे में नगर निगम की फाईनेंस कमेटी के सदस्य एवं वरिष्ठ पार्षद धनेश अदलक्खा ने भी मुख्य भूमिका निभाई। यदि वह इस खबर पर संज्ञान ना लेते तो सीएम घोषणा की आड़ में नगर निगम व सरकारी खजाने को उक्त राशि का चूना लग जाता। धनेश अदलक्खा ने समय रहते इस बड़ी चूक को पकडक़र निगम का करोड़ों रुपए का नुक्सान होने से बचा दिया। धनेश अदलक्खा की इस तत्परता की वजह से ही नगर निगम को इस नीलामी को रोकना पड़ा। इस बारे में सोसायटी के प्रधान राकेश धुन्ना से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने अपना फोन पिक नहीं किया।

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