प्रमोशन के लिए देनी है रिश्वत ,इसलिए नगर निगम का ये बड़ा अधिकारी मांग रहा है रिश्वत?

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FARIDABAD NEWS (SANJAY KAPOOR) राज्य सरकार द्वारा आम लोगों के लिए आरंभ की गई जनसुविधा को नगर निगम की प्लानिंग विभाग के एक बड़े अफसर ने कमाई का धंधा बना लिया है। इस अधिकारी ने अपनी कुर्सी का नजायज लाभ उठाते हुए इस सरकारी योजना का फायदा लोगों को देने की बजाए अवैध उगाही का धंधा शुरू कर दिया है। बकायदा इस धंधे के लिए नगर निगम की प्लानिंग विभाग के इस अधिकारी ने एक क्लर्क को अपना दलाल बना लिया है। हैरत की बात है कि नगर निगम की इस महत्वपूर्ण सीट पर बैठे इस अधिकारी का पेट भरने का नाम नहीं ले रहा, इसलिए उसने रिश्वत इकठा करने का यह नया रास्ता निकाल लिया है । दरअसल पता चला है कि इस अधिकारी की फाईल प्रमोशन के लिए चंडीगढ़ में घूम रही है।  यही कारण है कि अपनी प्रमोशन के लिए ये अधिकारी लोगों का खून चूसने पर उतर आया है।

यहां बता दें कि राज्य सरकार ने नगर निगम क्षेत्र के लिए एफ.ए.आर.(फलोर एरिया रेशो) की योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति जो अपने मकान का निर्माण कर रहा है, वह उसमें अतिरिक्त निर्माण कर इस योजना के तहत सरकार को निर्धारित राशि चुकाकर उसे लीगल करवा सकता है। पहले यह निर्माण एरिया यानि कि एफएआर 145 प्रतिशत तक था, लेकिन इस योजना के तहत अब ये 198 प्रतिशत कर दिया गया है। यानि कि कोई भी व्यक्ति अपने मकान में सरकारी फीस चुकाकर 53 प्रतिशत तक अधिक निर्माण कर सकता है। हालांकि यह योजना हुडा व टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा में वर्ष 2016 से लागू है। जबकि सरकार ने नगर निगम में इसे दिसंबर 2017 में लागू किया है। पंरतु नगर निगम की प्लानिंग विभाग का यह अधिकारी इस सरकारी योजना की आड़ में करोड़ों रुपए की उगाही करने की प्लानिंग बनाए हुए है। यही वजह है कि इस अधिकारी ने उक्त योजना के अंतर्गत जमा होने वाली फाईलों को ना केवल अपने दफ्तर में दबा कर रख लिया है, बल्कि इस कार्य के लिए उन्होंने एक दलाल भी रख लिया है। बताया गया है कि इस कार्य के लिए फाईल को जमा करवाने से पहले इस अधिकारी का दलाल दस हजार रुपए की रिश्वत मांगता है। यह राशि ना देने पर ना तो फाईल जमा की जा रही है और ना ही उसकी रसीद काटी जा रही है। अपनी फाईलों को लेकर लोग नगर निगम में धक्के खा रहे हैं। लेकिन इस अधिकारी को ना तो सरकार से और ना ही आम जनता से कुछ लेना देना है, वह तो अपनी प्रमोशन के लिए रुपए इकठ्ठे करने की योजना पर काम कर रहा है।

शिकायत का भी नहीं है असर
इस मामले को लेकर एक जागरूक नागरिक ने लोकल बॉडी हरियाणा के प्रिंसीपल सैकेट्ररी आनंद मोहन शरण से भी शिकायत की है। श्री शरण ने इसकी जांच के लिए नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं। लेकिन इस पर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे साफ पता चलता है कि हरियाणा सरकार में अधिकारी अपनी मनमर्जी चलाकर जनता को परेशान करने का कोई रास्ता नहीं छोड़ रहे।

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