फरीदाबाद में कौडिय़ों के भाव बांटे जा रहे हैं करोड़ों रुपए के प्लाट ?

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FARIDABAD NEWS (SANJAY KAPOOR ) धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों की आड़ में कई संगठनों को करोड़ों रुपए की संपत्ति कौडियों के भाव दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हैरत की बात है कि इनमें से कई संगठनों ने उपरोक्त संपत्तियों को हासिल करने के लिए कई कई आवेदन किए हैं। जबकि नियम तो यह होना चाहिए कि एक संपत्ति के लिए एक ही संगठन आवेदन जमा कर सकता है ?
यहां बता दें कि हरियाणा सरकार ने धार्मिक,सामाजिक एवं चेरिटेबल ट्रस्ट के लिए 25-10-2017 में दैनिक ट्रिब्यून अंग्रेजी एवं दैनिक जागरण हिन्दी संस्करण में उपरोक्त संस्थाओं से प्लाट हेतु आवेदन आमंत्रित किए थे। यह प्लाट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण फरीदाबाद द्वारा इंटरव्यू के आधार पर आवंटित किए जाने हैं। वर्ष 2017 में जारी विज्ञापन के बाद जिन संस्थाओं ने प्लाट हेतु आवेदन किए, उन्हें अब यह प्लाट आवंटित किए जाने की तैयारी कर ली गई है। इंटरव्यू के लिए तीन अधिकारियों का पैनल तैयार किया गया है। इस पैनल में मंडल कमिश्नर फरीदाबाद, प्रशासक हुड्डा एवं एस्टेट आफिसर शामिल हैं। इन अधिकारियों द्वारा इंटरव्यू के बाद संबंधित संस्थाओं को भूमि का आवंटन कर दिया जाएगा।
बताया गया है कि इन संस्थाओं के लिए आरक्षित किए गए प्लाटों की कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। लेकिन जो भी संस्था इंटरव्यू में सफल रहेगी, उसे लाखों रुपए में प्लाट दे दिया जाएगा। इस प्लाट आवंटन के खेल में एक बड़ा पहलू यह भी है कि एक संस्था ने 3-3 प्लाटों के लिए भी आवेदन किया है। जबकि आमतौर पर ऐसा होता नहीं है। आवेदन प्रक्रिया में एक सवाल यह भी है कि जब एक संस्था एक प्लाट पाने के योगय नहीं होगी तो उसे दूसरा प्लाट किस आधार पर आवंटित किया जा सकता है। यदि ऐसा नहीं है तो फिर उक्त संस्था द्वारा 3-3 प्लाटों के लिए आवेदन करने का असल मकसद क्या है?
बताया जा रहा है कि इसमें कोई ना कोई बड़ा पेंच फंसाया गया है, ताकि संबंधित चहेती संस्थाओं को लाभ पहुंचाया जा सके।

इन संस्थाओं ने किया है आवेदन किया –

1- बनवासी कल्याण आश्रम, 117 सैक्टर 8 फरीदाबाद
2- भारत विकास परिषद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट, सेक्टर 14
3-रोटरी ब्लड बैंक चेरिटेबल ट्रस्ट, सैक्टर 9 फरीदाबाद
4- हरियाणा पांचाल ब्राहाण महासभा, 1728 जवाहर कालोनी फरीदाबाद
5-मानव सेवा समिति, सैक्टर 10 फरीदाबाद
6-महावर वैश्य समाज, सैक्टर 14 फरीदाबाद
7-इंटरनेशनल गुडिया वेदांता ट्रस्ट, जनकपुरी नई दिल्ली
8-भक्ता बंधव सोसायटी, अंबाला कैंट
9-शाश्वत फाऊंडेशन मथुरा रोड फरीदाबाद
10- गुरूवाणी विचार सोसायटी सैक्टर 21 सी फरीदाबाद
11-महर्षि पाराशर नवग्रह मंदिर एनआईटी फरीदाबाद
12-इंटरनेशनल गुडिया वेदांता ट्रस्ट, जनकपुरी नई दिल्ली
13-शाश्वत फाऊंडेशन मथुरा रोड फरीदाबाद
14- श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्धारा सैक्टर 21 डी फरीदाबाद
15-इंटरनेशनल गुडिया वेदांता ट्रस्ट जनकपुरी नई दिल्ली
16- गुरूवाणी विचार सोसायटी सैक्टर 21 सी फरीदाबाद
हैरत की बात है कि इनमें से कई संस्थाओं ने कई कई प्लाटों के लिए आवेदन किया है। यदि उन्हें दो या उससे अधिक प्लाट हासिल हो गए तो क्या यह भ्रष्टाचार के दायरे में नहीं आएगा ?

 मनपसंद संस्थाओं को प्लाट देने के आरोप

आरटीआई एक्टिविस्ट एवं समाजसेवी वरूण श्योकंद ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति फर्जी इंटरव्यू के आधार पर बंदरबांट करने की योजना है। एक ही संस्था द्वारा तीन तीन प्लाट के लिए आवेदन करना, अपने आप में भ्रष्टाचार को साबित कर रहा है। श्योकंद ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने अपनी मनपसंद संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए इस प्रकार से संपत्ति बांटने की नीति बनाई है, ताकि उन्हें आसानी से करोड़ों रुपए के प्लाट कौडिय़ों के भाव दिए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ है तो वह इंटरव्यू के आधार पर करोड़ों रुपए के प्लाट कौडिय़ों के भाव देने की बजाए उन्हें खुली नीलामी में बेचेे। पंरतु इस मामले में बड़े पैमाने पर जमीन घोटाला होने के संदेह से इंकार नहीं किया जा सकता। वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे कि कैसे आम जनता के हिस्से की जमीन को कौडिय़ों के भाव दिया जा रहा है।

प्लाट आवंटन कमेटी की चेयरपर्सन डा. जी.अनुपमा ने कहा

फरीदाबाद मंडल कमिश्नर एवं उक्त कमेटी की चेयरपर्सन डा. जी.अनुपमा ने कहा कि इस मामले में नियम व कायदे कानून अभी उनकी जानकारी में नहीं हैं। वह इस संदर्भ में सभी नियम देखेंगी। यदि इन नियमों में किसी भी संस्था को दो या तीन प्लाटों के लिए आवेदन करने की छूट दी गई है तो वह कर सकती हैं। यदि ऐसा नहीं है और फिर भी किसी संस्था ने तीन प्लाटों के लिए आवेदन किया है तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

निराधार है भ्रष्टाचार की बातें: एस्टेट आफिसर

इस संदर्भ में हुड्डा के एस्टेट आफिसर अमरदीप जैन ने बताया कि इस नीति के अंतर्गत कोई भी संस्था कितने भी प्लाटों के लिए आवेदन कर सकती है। लेकिन यह कमेटी तय करेगी कि किस को प्लाट देना है । इस कमेटी की चेयरपर्सन मंडल कमिश्नर जी अनुपमा हैं। इनके साथ सदस्य के तौर पर जिला उपायुक्त, हुड्डा प्रशासक एवं सदस्य सचिव के तौर पर एस्टेट आफिसर शामिल हैं। वीरवार की सुबह जिमखाना क्लब सैक्टर 15 में यह कमेटी संबंधित संस्थाओं का इंटरव्यू लेगी। उन्होंने बताया कि इसमें भ्र्रष्टाचार की बातें निराधार हैं, क्योंकि प्लाट आवंटन की शर्तों में साफ है कि जिस संस्था को प्लाट एलॉट होगा, वह उसे ना तो बेच सकती है और ना ही किसी अन्य को ट्रांसर्फर कर सकती है। उनका प्लाट पर मालिकाना हक नहीं होगा तथा लीज आधार पर यह प्लाट दिए जाएंगे। इसके साथ साथ कमेटी यह भी जांच करती है कि प्लाट लेने वाली संस्था की आर्थिक स्थिति दुरूस्त है या नहीं। इसके अलावा संबंधित संस्था का बैकग्राऊंड भी जांचा जाता है। इसके बाद ही प्लाट आवंटन का फैसला लिया जाएगा।

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