देश के 7 करोड़ ट्रेडर्स ने किया भारत बंद, मेडिकल स्टोर भी रहेंगे बंद

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New Delhi News (City mail News)   शुक्रवार यानि 28 सितंबर को देश के तकरीबन 7 करोड़ ट्रेडर्स ने अपने व्यापार पर खतरे को देखते हुए भारत व्यापार बंद कऱ अपना विरोध जताया है । वहीं दूसरी ओर  दुकानदारों की एक शीर्ष संस्थान ने ऑनलाइन दवा बिक्री को नियमित करने के केंद्र के कदम के खिलाफ शुक्रवार को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।

बात करें ट्रेडर्स के बंद की तो इसका कारण फ्लि‍पकार्ट और अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट की डील को बताया जा रहा है। दरअसल इन दो दिग्गज कंपनियों की डील को अब कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडि‍या (CCI) ने मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही अब वालमार्ट की ओर से 16 अरब डॉलर में फ्लि‍पकार्ट में 77 फीसदी हि‍स्‍सेदारी लेने का रास्‍ता साफ हो गया है। हालांकि कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस फैसले के खि‍लाफ कोर्ट में अपील भी कर दी है। इसके साथ ही ट्रेडर्स और एसोसिएशन दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन भी करेंगी।

क्या है इस बंद की वजह
इस बंद को लेकर पूछे जाने पर ट्रेडर्स का तर्क है कि अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट भले ही देश में ऑनलाइन मार्केट के जरिए एंट्री कर रही है लेकिन आने वाले समय में वह ऑफलाइन बाजार में भी दस्तक दे देगी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि ऐसी कंपनियां दुनिया में से कहीं से भी सामान लाएंगी और देश को डंपिंग ग्राउंड बना देंगी। ऐसे में भारतीय रिटेलर्स के लिए लेवल प्‍लेइंग फील्‍ड समान नहीं रहेगा और उनका बिजनेस चौपट हो जाएगा। उनका कहना है कि देश में इस वक्‍त लगभग 7 करोड़ रिटेलर्स हैं, जिनमें से लगभग 3 करोड़ रिटेलर्स को इस डील से सीधे तौर पर नुकसान होने वाला है। खंडेलवाल ने कहा कि देश के 42 लाख करोड़ रुपए के रिटेल ट्रेड के बारे में कई भी नहीं सोच रहा है। इसी वजह से ट्रेडर्स 28 सितंबर को एक देशव्यापी भारत बंद करेंगे, जिसमें करीब 7 करोड़ ट्रेडर्स हिस्सा लेंगे।

इस डील की जानकारी न रखने वालों को बता दें कि अमेरिका का दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने भारत की ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट की 75 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीद ली है। इस डील को फ्लिपकार्ट के बोर्ड की ओर से भी हरी झंडी दे दी गई है। करीब 1 लाख करोड़ रुपए में यह सौदा तय किया गया है। खबरों की मानें तो वॉलमार्ट के अलावा गूगल-पेरेंट कंपनी अल्‍फाबेट इंक भी इस निवेश में अपनी हिस्सेदारी डाल सकती है।

दवा दुकानें भी रहेंगी बंद
वहीं दूसरी ओर दवा दुकानदारों की एक शीर्ष संस्थान ने ऑनलाइन दवा बिक्री को नियमित करने के केंद्र के कदम के खिलाफ शुक्रवार को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) ने सरकार के फैसले का विरोध किया है और कहा कि ई-फार्मेसी से उनके धंधे पर खतरा उत्पन्न हो गया है और इससे दवाओं के दुरुपयोग का जोखिम पैदा हो सकता है। एआईओसीडी का कहा, ‘एआईओसीडी ने ज्ञापनों के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभागों से बार बार अपील की है। इस मुद्दे की गंभीरता ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवाओं की अवैध बिक्री के ढेरों मामलों से जगजाहिर है।’ एआईओसीडी ने कहा है कि एआईओसीडी पहले ही दो भारत बंद कर चुका है। यदि अपील पर सरकार का सकारात्मक जवाब नहीं आता है तो हमारे पास राष्ट्रव्यापी बंद के अलावा अन्य विकल्प नहीं होगा। 28 सितंबर को देशभर में दवा की दुकानें बंद रहेंगी।

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