वकीलों के प्रधान पद का चुनाव लड़ेंगे भाजपा विधायक के पति अश्वनि त्रिखा

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FARIDABAD NEWS (CITYMAIL NEWS ) जिला बार एसोसिएशन के चुनावों की आहट आरंभ हो गई है। वकीलों की सबसे बड़ी एसोसिएशन के चुनावों को लेकर तमाम गुट सक्रिय हो गए हैं। अपने अपने खेमों को लेकर वकील ने धडेबंदी एवं लॉबिंग भी शुरू कर दी है। 6 अप्रैल को होने वाले चुनावों को लेकर सोमवार को पंजाबी समुदाय के वकीलों की इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में बड़खल क्षेत्र की भाजपा विधायक सीमा त्रिखा के पति अश्वनि त्रिखा को प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ाने पर सहमति बनी। पंजाबी लॉयर एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से त्रिखा के नाम पर मोहर लगा दी है।
बता दें कि जिला बार एसोसिएशन में पंजाबी समुदाय के वकीलों की खासी संख्या है। इसके बावजूद इस समुदाय के वकीलों को एसोसिएशन में कोई खास महत्व नहीं मिलता। यही कारण है कि इस बार पंजाबी समुदाय के वकीलों ने अपनी बिरादरी से प्रधान पद का उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है। इस पद के लिए अश्वनि त्रिखा के नाम पर सभी ने सहमति जता दी है।
पंरतु केवल पंजाबी समुदाय के वोटों से प्रधान पद का चुनाव नहीं जीता जा सकता। इसलिए पंजाबी लॉयर एसोसिएशन अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए कई और समुदाय के वकीलों से संपर्क साध रही है। पता चला है कि अश्वनि त्रिखा को जिताने के लिए भाजपा के अनेक नेता सक्रिय हो गए हैं। पंजाबी लायर एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ वकील दीपक गेरा ने इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार यह तय किया जाना है कि अश्वनि त्रिखा को किस गुट के साथ चुनाव मैदान में उतारा जाए।

वैसे यहां बता दें कि विधायक के पति अश्वनि त्रिखा पहले भी पूर्व प्रधान एवं फरीदाबाद के वरिष्ठतम वकील ओपी शर्मा खेमे से प्रधान पद का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन उसमें वह हार गए थे। यही वजह है कि इस बार के चुनाव में अश्वनि त्रिखा किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाह रहे। वैसे भी त्रिखा को वरिष्ठ वकील ओपी शर्मा का नजदीक माना जाता है। इसके अलावा वह केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के खासमखास तो हैं ही, साथ ही भाजपा के यूपी से विधायक एवं फरीदाबाद के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना से उनकी नजदीकी भी किसी से छुपी नहीं है। इसलिए वह गुर्जर समुदाय के वकीलों का भी आसानी से समर्थन हासिल करने में सफल रह सकते हैं।

बताया गया है कि अश्वनि त्रिखा गुट पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह समर्थक वकीलों के भी संपर्क में हैं। यदि यह तालमेल सटीक बैठ गया तो अश्वनि त्रिखा को जिला बार एसोसिएशन का प्रधान बनने से कोई नहीं रोक सकता। वहीं दूसरी ओर इस बारे में पूर्व प्रधान ओपी शर्मा ने कहा कि त्रिखा उनके गुट से चुनाव लड़े थे, मगर वह हार गए थे। इस बार उनका गु्रप किसे अपना समर्थन देगा, यह अभी तय नहीं किया गया है।

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