हरियाणा में कटेगी इन बड़े बड़े कांग्रेसी धुरंधरों की टिकट

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Chandigarh News (Citymail News ) कांग्रेस को दोबारा शिखर पर पहुंचाने के लिए पूरा दमखम लगा रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने टिकट देने के लिए नई पॉलिसी निर्धारित कर दी है। इस पॉलिसी के तहत दो बार चुनाव हारने वाले , जमानत जब्त कर आने वाले और 30,000 से अधिक मतों से हारने वाले नेताओं को टिकट नहीं दी जाएगी।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने ई इसी पॉलिसी पर चलते हुए अधिकांश टिकटों का आवंटन किया है ।
यह पॉलिसी हरियाणा में भी अपनाई जाएगी जिसके कारण 90 में से 50 लोगों को अगले चुनाव में टिकट नहीं मिलेगी।

लगातार दो चुनाव हारने वालों का होगा पत्ता साफ

राहुल गांधी का सख्त आदेश है कि जो नेता लगातार दो चुनाव हार चुके हैं उनको पार्टी का टिकट नहीं दिया जाएगा। 2014 में हरियाणा में 7 ऐसे नेता थे जो लगातार दो चुनाव हार गए इन लोगों को अगली बार टिकट नहीं मिलेगी।
बाढड़ा से रणबीर महेंद्रा, लोहारू से सोमबीर सिंह, डबवाली से डॉ के.वी. सिंह, रानिया से रणजीत सिंह, अम्बाला कैंट से निर्मल सिंह , घरौंडा से विरेन्द्र सिंह राठौर कांग्रेस पार्टी की टिकट पर लगातार दो बार चुनाव हार का मुंह देख चुके हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना भी इस सूची में शामिल है क्योंकि 2009 में जहां वे खुद चुनाव हारे थे वहीं 2014 में उनके बेटे वरुण चुनाव हार गए थे। राहुल गांधी का मानना है कि जो नेता लगातार दो चुनाव हार चुके हैं, उनसे तीसरी बार जीतने की उम्मीद करना बेमानी है।

कौन कौन हारे 30 हजार से अधिक वोटों से
राहुल गांधी की नई पॉलिसी में 30,000 से अधिक वोटों से विधानसभा चुनाव हारने वाले नेताओं को अगले चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा। हरियाणा में 2014 के चुनाव में 7 नेता 30,000 से अधिक वोटों से हारे। सबसे अधिक पानीपत से विरेंद्र शाह की हार का अंतर 53000 से अधिक का रहा । अपने आप को सीएम पद का बड़ा दावेदार कहने वाले कैप्टन अजय यादव भी 49000 से अधिक वोटों से हारे। फरीदाबाद सीट से आनंद कौशिक 44000 से अधिक वोटों से चुनाव हारे।
इनके अलावा नूंह से आफताब अहमद 32796, महेंद्रगढ़ से राव दान सिंह 34491, नीलोखेड़ी से ज्ञान सहोता 35097, बड़खल से महेंद्र प्रताप 36609 वोटों के अंतर से चुनाव हारे। इन सभी 7 नेताओं कोे अगले चुनाव में टिकट पर सवालिया निशान लग गया है।

जमानत जब्तियों को नहीं मिलेगा दोबारा मौका

राहुल गांधी का यह साफ कहना है कि जिस नेता की पिछले चुनाव में जमानत जब्त हो चुकी है उसे अगले चुनाव में टिकट नहीं दी जाएगी क्योंकि ऐसे नेताओं का जनाधार नहीं होता और उनको दोबारा टिकट देना पार्टी की हार की आशंका बढ़ाना है। 2014 के चुनाव में हरियाणा में कांग्रेस के 36 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।
जमानत जब्त कराने वालों में कालका से मनवीर कौर गिल, पंचकूला से स्व. डी. के . बंसल, सढौरा से राजपाल भूखड़ी, जगाधरी से भोपाल सिंह भाटी, यमुना नगर से डॉ कृष्णा पंडित, रादौर से सुभाष चौधरी, थानेसर से पवन गर्ग, कलायत से रणबीर सिंह मान, पूंडरी से रवि महला, इंद्री से भीम सेन मेहता, करनाल से सुरेंद्र नरवाल, असन्ध से सुमिता सिंह, पानीपत ग्रामीण से खुशीराम जागलान, जींद से प्रमोद सहवाग, उचाना से भाग सिंह, नरवाना से विद्या रानी, फतेहाबाद से पहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, सिरसा से नवीन कुमार केडिया, ऐलनाबाद से रमेश भादू, नारनौंद से राजबीर संधू, दादरी से सतपाल सांगवान, भिवानी से रामप्रताप शर्मा, बादली से नरेश शर्मा, अटेली से अनीता यादव, नारनौल से राव नरेंद्र सिंह, नांगल चौधरी से चंद्र प्रकाश, बावल से जसवंत सिंह, कोसली से यादवेंद्र सिंह, पटौदी से सुधीर कुमार, बादशाहपुर से वीरेंद्र सिंह यादव,गुरुग्राम से धर्मबीर गाबा, सोहना से रोहताश बेदी, फिरोजपुर झिरका से आजाद मोहम्मद, पुन्हाना से सुभान खान, फरीदाबाद एनआईटी से गुलशन कुमार बग्गा, बल्लभगढ़ से लखन कुमार सिंगला हैं। जमानत जप्त होने वाले नेताओं में से सिर्फ उन्हीं को राहत मिल सकती है जिनको उनकी मर्जी के खिलाफ दूसरे विधानसभा क्षेत्र से टिकट दी गई थी। करनाल के प्रत्याशी रहे सुरेंद्र नरवाल ने असंध से टिकट मांगी थी लेकिन उन्हें करनाल से टिकट दी गई थी। इसलिए सिर्फ वही दोबारा टिकट हासिल करने की फरियाद लगा सकते हैं।
खास बात यह है कि राहुल गांधी की नई पॉलिसी के कारण पिछले चुनाव में टिकट हासिल करने वाले कांग्रेस के 50 नेताओं को अगली बार टिकट नहीं मिल पाएगी। राहुल गांधी ने अगर सख्ती से पॉलिसी पर अमल करवाया तो कांग्रेश के नए चेहरे आगामी चुनावी जंग में खड़े नजर आएंगे।

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