एक लाख के चक्कर में युवक की मौत , डीसी की आई शामत

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CHANDIGARH  NEWS (CITYMAIL NEWS ) मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन  एस के मित्तल व सदस्य  दीप भाटिया ने जींद जिले की एक शिकायत की सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया | उपायुक्त जींद को गरीब बच्चे के इलाज के लिए मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए अनुदान को समय पर प्रार्थी तक न पहुंचाए जाने के मामले पर कड़ा पर संज्ञान लिया।
अनुसूचित जाति के दिनेश कुमार ने गंभीर बीमारी से ग्रस्त अपने पुत्र के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से वित्तीय सहायता के लिए गुहार लगाई थी| जिस पर मुख्यमंत्री ने  मानवीय आधार पर एक लाख की सहायता प्रदान की थी | उपायुक्त जींद को यह राशि 12 जनवरी 2018 को ही भेज दी थी | जो कि उपायुक्त कार्यालय में 17 जनवरी को प्राप्त भी हो गई थी | इसके बाद 18 जनवरी को बैंक में धनराशि भी पहुंच गई | लेकिन सरकारी कर्मचारी की असंवेदनशीलता के कारण  राशि  को  प्रार्थी तक नही पहुंचाया |
प्रार्थी के पुत्र को 21 जनवरी 2018 को गंभीर अवस्था मे पी.जी.आई. में भर्ती कराया गया जंहा  23 जनवरी 2018 को उसकी मृत्यु हो गयी। आयोग उपायुक्त जींद के कार्यलाय में काम कर रहे इन्ही असंवेदनशील कर्मचारियों के अमानवीय व्यवहार से नाराज है | आयोग ने इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए उपायुक्त जींद को इस विषय मे प्रार्थी को मुआवज़ा देने व दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करके आयोग को सूचना भेजे जाने का निर्देश दिया। इस मामले की अब अगली सुनवाई 7 जनवरी 2019 को की जायेगी।

 

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