अपने दम-खम पर भारत में तेजी से लोकप्रिय होती जा रही होम्योपैथी -सी. पी. शर्मा

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FARIDABAD NEWS (CITYMAIL NEWS ) होम्योपैथिक डाॅक्टर्स एसोसिएशन फरीदाबाद ने होम्योपैथी की विकास यात्रा के बारे में एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डाॅ0 सी. पी. शर्मा (Principal Bakson Homoeopathic Medical College and Hospital, Noida), विशिष्ट अतिथि डाॅ0 तनुज राजवंशी (Vice Principal SKHMC & Research Centre, Jaipur), मुख्य वक्ता डाॅ0 आर. एन. वाही (अध्यक्ष – होम्योपैथिक फार्मास्यूटिकल्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया एवं चेयरमैन आर्गेनाईजिंग कमेटी साऊथ दिल्ली होम्योपैथिक एसोसिएशन) एवं डाॅ0 संजीव शर्मा (Member – Haryana Homoeopathic Council) ने दीप प्रज्जवलन की की।
मुख्य अतिथियों का स्वागत एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ0 ए. के. अग्रवाल, डाॅ0 सिमरन कौर एवं कोषाध्यक्ष डाॅ0 दिलीप अग्रवाल ने किया। शहर एवं बाहर से आए हुए होम्योपैथी चिकित्सकों का स्वागत डाॅ0 ललित अग्रवाल, डाॅ0 विनोद मदान, डाॅ0 सौरभ शर्मा, डाॅ0 सुधीर कौल ने किया।
इस कार्यक्रम में पलवल, फरीदाबाद, दिल्ली एवं गुरुग्राम के लगभग 70 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने परिवार सहित भाग लिया। इस वर्ष एसोसिएशन ने होम्योपैथी के प्रति समर्पण को देखते हुए डाॅ0 परवेज अख्तर को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर डाॅ0 प्रवेश अग्रवाल, डाॅ0 शिखा वशिष्ठ, डाॅ0 सिमरन कौर, डाॅ0 पूजा ग्रोवर, डाॅ0 के. एस. वर्मा, डाॅ0 सोनिया चक्रवर्ती एवं डाॅ0 एम. एम. अग्रवाल को भी उनकी उल्लेखनीय सेवाएँ देने के लिए सम्मानित किया।
विशिष्ठ अतिथि डाॅ0 तनुज राजवंशी ने कहा कि भारत में होम्योपैथी का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है। अपनी क्षमता एवं वैज्ञानिकता के बलबूते होम्योपैथी तेजी से विकसित हो रही है। होम्योपैथी एलोपैथी के बाद दुनिया में सबसे बड़ी चिकित्सा पद्धति है।
मुख्य अतिथि डाॅ0 सी. पी. शर्मा ने कहा कि अपने दम-खम पर भारत में तेजी से लोकप्रिय होती जा रही होम्योपैथी के मौजूदा विकास का ज्यादा श्रेय तो होम्योपैथी के चिकित्सकों और प्रशंसकों को ही जाता है। चर्म रोग, जोड़ों का दर्द, ट्यूमर, पेट के रोग, शिशुओं और बुजुर्गों  के विभिन्न रोगों में होम्योपैथी की प्रभाविता बेजोड़ है। डाॅ0 वाही ने एसोसिएशन द्वारा किये जा रहे सेमिनारों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्होंने एसोसिएशन से अनुरोध किया कि सामान्य जन के लिए भी सेमिनार कराये जाएं जिससे कि होम्योपैथी का अधिक से अधिक प्रचार व प्रसार हो सके।
कार्यक्रम के अन्त में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस सेमीनार में विशेष रूप से डाॅ0 वन्दना गर्ग, डाॅ0 वन्दना देव, डाॅ0 चेतना तेवतिया, डाॅ0 मनप्रीत कौर पाहवा, डाॅ0 अर्पित मेहरा, डाॅ0 विद्यार्थी, डाॅ0 गीता सक्सैना, डाॅ0 साधना अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरान्त डाॅ0 अशोक अग्रवाल, डाॅ0 सिमरन कौर एवं डाॅ0 दिलीप अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद किया और उन्होंने अन्य होम्योपैथी डाॅक्टरों से एसोसिएशन से जुड़ने की अपील की।

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