Home आपका शहर फरीदाबाद नगर निगम के तीन मनोनीत पार्षदों की घोषणा हुई

फरीदाबाद नगर निगम के तीन मनोनीत पार्षदों की घोषणा हुई

Faridabad News (SANJAY KAPOOR)  लोकसभा  चुनाव की निकटता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अपने कार्यकर्ताओं को तोहफे बांटने की शुरुआत कर दी है ! इसी कड़ी में भाजपा सरकार ने फरीदाबाद नगर निगम  में 3 पार्षदों को मनोनीत करने की घोषणा कर दी है !

हालांकि यह घोषणा 4 साल पहले होनी चाहिए थी , परंतु तभी से यह घोषणा लटकी हुई है ! लोकसभा चुनावों में पार्टी कार्यकर्ता नाराज ना हो इसलिए सरकार ने अपने अंतिम साल में उन्हें मनोनीत पार्षद के पद से नवाजा है ! सरकार द्वारा 1 जनवरी 2019 को जारी सूचना में वरिष्ठ पार्षद रहे  फरीदाबाद शहरी सीट से सोम मल्होत्रा , बडकल विधानसभा क्षेत्र से दिनेश भाटिया एवं विजेंद्र शर्मा को नगर निगम में पार्षद के तौर पर मनोनीत किया है !

इनमें से सोम मल्होत्रा दो बार नगर निगम में चुने हुए पार्षद रहे हैं ! इस बार उन्हें उद्योग मंत्री विपुल गोयल के खेमे से मनोनीत पार्षद की कुर्सी दी गई है !जबकि विजेंद्र शर्मा को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की सिफारिश पर मनोनीत पार्षद बनाया गया है , वहीं बड़खल की विधायक सीमा त्रिखा ने दिनेश भाटिया के नाम की सिफारिश की थी !  वैसे तो इन तीनों पार्षदों को मनोनीत करने की सूची पिछले साल ही तैयार हो गई थी , परंतु मंत्री व विधायकों के बीच चल रही गुटबाजी की वजह से इसे लटका दिया गया था ! सोम मल्होत्रा के नाम की सिफारिश उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने इसलिए की थी कि वह नगर निगम चुनाव में भाजपा की टिकट से अपना नाम वापस ले ले ! श्री मल्होत्रा इसके लिए राजी हो गए , बदले में उन्हें उद्योग मंत्री ने मनोनीत पार्षद बनाने का आश्वासन दिया था ! इस शर्त पर सोम मल्होत्रा ने टिकट मांगने वालों में से अपना नाम वापस ले लिया था और उद्योग मंत्री के उम्मीदवार मनमोहन गर्ग का साथ दिया था ! मनमोहन गर्ग नगर निगम में डिप्टी मेयर के पद पर हैं !

बताया जाता है कि बाद में उद्योग मंत्री खेमे ने मनोनीत होने वाली पार्षदों में  से सोम मल्होत्रा को हटाकर उनके स्थान पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वासुदेव अरोड़ा का नाम चला दिया !  माना जा रहा है  कि उद्योग मंत्री खेमे द्वारा चलाए गए इस नए नाम की वजह से मनोनीत पार्षदों की सूची पिछले साल जारी नहीं हो पाई !

बताया तो यह भी गया है कि  सूची मैं दर्ज सोम मल्होत्रा के नाम की सिफारिश केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर द्वारा भी की गई थी ! संभव है कि  इस कारण सूची से सोम मल्होत्रा का नाम हटाया नहीं जा सका है और इसमें वासुदेव अरोड़ा को शामिल नहीं किया जा सका है !  इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए इस सूची को जारी करना बेहतर समझा है ! 

देखना यह है कि  सरकार के अंतिम साल में जारी सूची का संगठन को कितना लाभ मिलेगा ? 

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