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फरीदाबाद में कौडिय़ों के भाव लुटाई जा रही है हरियाणा टूरिज्म की बेशकीमती जमीन ?

FARIDABAD NEWS (CITYMAIL NEWS ) हरियाणा टूरिज्म की बेशकीमती जमीन को मैरिज गार्डन के लिए कौडिय़ों के भाव लुटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इस पूरे खेल की भनक तक नहीं है, जबकि इस धंधे की आड़ में मैरिज गार्डन ठेकेदार टूरिज्म विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के वारे न्यारे कर रहे हैं। यदि इस तथाकथित मिलीभगत की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच हो जाए तो अधिकारियों का सारा किया धरा सामने आ जाएगा। फरीदाबाद में भी टूरिज्म विभाग की कीमती जमीन को कुछ अधिकारियों की शह पर मैरिज गार्डन बनाने के लिए लीज पर दिया गया है। हालांकि इन अधिकारियों का दावा है कि सारा काम नियमों के अंतर्गत किया गया है। पंरतु  दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि नियमों के तहत किए गए भूमि आवंटन की जांच हो जाए तो सारा मामला सामने आ जाएगा। बताया गया है कि सूरजकुंड मेले के लिए लगनी वाली पार्किंग तथा शूटिंग रेंज की ओर जाने वाले रास्ते पर जंगल फॉल एवं एनआईटी में कुछ ठेकेदारों को मैरिज गार्डन बनाने के लिए लीज पर सरकारी जमीन उपलब्ध करवाई गई है। इनमें से जंगल फॉल में काफी समय से मैरिज गार्डन चलाया जा रहा है, जबकि उपरोक्त दोनों स्थानों पर मैरिज गार्डन का निर्माण किया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि टूरिज्म विभाग से जमीन लीज पर लेने के अलावा अन्य किसी भी सरकारी महकमे से मैरिज गार्डन बनाने के लिए स्वीकृति नहीं ली गई है। इस तरह धड़ल्ले से तमाम नियम और कायदे कानूनों को ताक पर रखकर ये मैरिज गार्डन बनाए जा रहे हैं। इनमें से एनआईटी में नगर निगम प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण संबंधी नोटिस जारी कर वहां दो बार तोडफ़ोड़ की जा चुकी है। इसके अलावा राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी टूरिज्म विभाग, डीटीपी एवं नगर निगम को नोटिस जारी कर इसके निर्माण संबंधी नियम व कायदे कानूनों के संदर्भ में जवाब मांगा है। कई लोगों ने तो पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाने को लेकर सीएम विंडो, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन से इसके निर्माण की शिकायत भी की है। लोगों का कहना है कि इस मामले में उन्हें किसी बड़े खेल की बू आ रही है। कौन कौन अधिकारी इस खेल में शामिल है, विजिलेंस जांच में उसकी कलई खुल सकती है। लोगों का कहना है कि टूरिज्म विभाग के भू आवंटन खेल की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि भाजपा सरकार को भी यह पता चल सके कि उनकी पीठ में छुरा घोंपकर किस तरह से मुख्यमंत्री की छवि को पलीता लगाया जा रहा है।

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