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Saturday, February 29, 2020

उद्योग बना अवैध निर्माण का धंधा, तोडफ़ोड़ पर हंगामा करने वाला MCF अधिकारी सस्पैंड


Faridabad News (citymail news ) अवैध ईमारत को तोडऩे गए नगर निगम के तोडफ़ोड़ विभाग के काम में हस्तक्षेप करना एनआईटी के बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेंद्र रावत को भारी पड़ गया। निगम आयुक्त यश गर्ग ने उक्त बिल्डिंग इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। शनिवार की देर शाम महेंद्र रावत को निलंबित के आदेश जारी किए गए। बता दें कि एनआईटी नंबर 3 बीकानेर स्वीटस के सामने बन रही एक अवैध ईमारत को तोडऩे गए नगर निगम अधिकारियों के साथ बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेंद्र रावत ने बदतमीजी की थी। इस मौके पर रावत व बडख़ल क्षेत्र के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह के बीच हाथापाई भी हो गई थी। मीडिया में प्रकाशित इन खबरों के आधार पर निगम आयुक्त यश गर्ग ने संज्ञान लेते हुए महेंद्र रावत को निलंबित कर दिया। एनआईटी नंबर 3 में बीकानेर स्वीटस के सामने एक बहुत बड़ी ईमारत का अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। चर्चा है कि इस ईमारत को बनाने की एवज में निगम के ही एक अधिकारी ने लाखों रुपए की वसूली की है। जबकि इस अवैध निर्माण की तमाम शिकायतें नगर निगम आयुक्त के पास पहुंच रही थीं।
आयुक्त ने एक्सईएन इंफोर्समेंट ओमवीर सिंह को शिकायत पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। एक्सईएन इंफोर्समेंट ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह को उक्त अवैध निर्माण को तोडऩे के लिए भेजा था। बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह की टीम ने जैसे ही वहां कार्रवाई करनी शुरू की, तभी मौके पर एनआईटी में नियुक्त बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेंद्र रावत पहुंच गया। महेंद्र रावत ने तोडफ़ोड़ की कार्रवाई में हस्तक्षेप करते हुए उक्त अवैध ईमारत को ना तोडऩे के लिए कहा। इस पर दोनों बिल्डिंग इंस्पेक्टर आपस में भिड़ गए और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। मौके पर लोगों ने दोनों अधिकारियों में बीच बचाव करवाया। इस प्रकरण की खबरें जब मीडिया में प्रकाशित हुई तो नगर निगम अधिकारियों के भ्रष्ट आचरण को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। खबरों के दबाव के बाद निगम आयुक्त ने दो दिन बाद शनिवार की देर शाम महेंद्र रावत को निलंबित कर दिया।


पंरतु दूसरी ओर जिस अवैध ईमारत के मामले में बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई, उस अवैध बिल्डिंग का निर्माण आज भी धड़ल्ले से हो रहा है। निगम आयुक्त ने उक्त बिल्डिंग को लेकर किसी तरह की कार्रवाई करने के लिए नहीं कहा है। बता दें कि फरीदाबाद में अवैध निर्माण का धंधा व्यापक पैमाने पर फैल चुका है। अधिकारियों ने अवैध निर्माण को नोट छापने वाली मशीन बना लिया है। पूरे शहर में चारों ओर अवैध निर्माणों का जाल फैला हुआ है । लाखों रुपए की उगाही के बदले ये अवैध निर्माण हो रहे हैं। अवैध निर्माणों से होने वाली उगाही का बंटवारा नीचे से लेकर ऊपर तक होने की खबरें समय समय पर सुर्खियों में रहती हैं। इस समय भी निगम आयुक्त यश गर्ग अवैध निर्माणों को लेकर लगातार आ रही शिकायतों पर चुप्पी साधे हुए हैं। जिसे लेकर शहर भर में तरह तरह की चर्चाएं जन्म ले रही हैं


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