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Saturday, March 7, 2020

वर्ष 2006: अदालत परिसर में हुई गोलाबारी के आरोप में फरीदाबाद के चार वकील दोषी करार


Faridabad News (citymail news ) फरीदाबाद के अदालत परिसर में पार्किंग विवाद को लेकर हुई गोलाबारी में अदालत ने चार वकीलों को दोषी करार दिया है। अदालत का फैसला आते ही पुलिस ने चारों वकीलों को अपनी हिरासत में ले लिया। दोषी साबित होने के बाद चारों आरोपियों का मेडीकल परीक्षण करवाने के साथ ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में करीब 20 आरोपी थे, जिनमें से चार को छोडक़र बाकि दोष मुक्त करार दे दिए गए। बता दें कि वर्ष 2006 में अदालत में पार्किंग ठेके के टैडर छोडऩे को लेकर वकीलों के दो गुटों में जमकर झगड़ा व फसाद हुआ था। इस विवाद में अदालत परिसर में गोलाबारी भी हुई थी।
इस विवाद में एडवोकेट एवं पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के भतीजे राकेश भड़ाना (मौजूदा पार्षद वार्ड नंबर 16 सैनिक कालोनी फरीदाबाद) की जांघ पर गोली लगी थी। इस प्रकरण में करीब दो दर्जन वकील व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। तभी से अदालत में इस मामले को लेकर केस की सुनवाई चल रही थी। हालांकि समय समय पर दोनों गुटों के बीच सुलह के प्रयास भी किए गए, मगर वह सिरे नहीं चढ़ पाए। अदालत में गवाही व अन्य कानूनी दांव पेच को लेकर सुनवाई लगातार खिंचती चली गई। मगर 14 साल बाद शनिवार को न्यायाधीश श्री राकेश गर्ग की अदालत ने इस केस में फैसला सुनाते हुए जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष , हरियाणा हाईकोर्ट बार कौंसिल के पूर्व सदस्य ओपी शर्मा, वरिष्ठ एडवोकेट एलएन पाराशर, गौरव पाराशर एवं कैलाश को दोषी करार दिया है। इस केस में अन्य आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया गया है। चारों आरोपियों की सजा का ऐलान 12 मार्च को किया जा सकता है। जैसे ही अदालत ने शनिवार को इस केस का फैसला सुनाया तो शहर में यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सोशल मीडिया पर यह खबर जमकर वायरल हो रही है। इस कोई इस मामले में की पूरी तह तक जाने में जुट गया। पूरे देश में यह खबर पूरी तरह से वायरल हो गई है।


12 मार्च को घोषित होगी सजा :


कानून के जानकारों का कहना है कि संबंधित धाराओं में कम से कम सात साल व अधिक से अधिक आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। यदि अदालत ने 3 साल से अधिक की सजा सुनाई तो आरोपी एक तिहाई सजा काटने के बाद ही हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं । जबकि तीन साल तक की सजा में तत्काल जमानत का प्रावधान है। हालांकि यह अदालत द्वारा सजा सुनाने के बाद तय होगा कि किस आरोपी को कितने साल की सजा दी जाएगी। बता दें कि वर्ष 2006 में अदालत परिसर सैक्टर 12 में वकीलों के दो गुटों में हुए झगड़े में थाना सैंट्रल ने धारा 148,149,323,307 एवं आम्र्स एक्ट की 25/54/59 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। फिलहाल इस मामले में सभी की नजर 12 मार्च पर टिकी हुई हैं, इस दिन सभी आरोपियों की सजा का ऐलान होगा।


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