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Wednesday, March 18, 2020

अवैध निर्माणों का गढ़ बना फरीदाबाद का एनआईटी नंबर -5 : क्यों चुप हैं कमिश्नर


Faridabad News (citymail news ) जिस शहर को कभी खूबसूरती के चलते मिनी चंडीगढ की तर्ज पर बसाया गया था, वह शहर अब अवैध निर्माणों की वजह से बदसूरत हो चुका है। अव्यवस्थित हो चुके फरीदाबाद में अब जगह जगह अवैध निर्माण होते दिखाई देते हैं। इसमें भी खासतौर पर एनआईटी नंबर 5 पूरी तरह से अवैध निर्माणों का गढ़ बन चुका है। इस इलाके में पांच व छ: मंजिल फ्लैट व अवैध ईमारतें ही बनती दिखाई देती हैं। जिस प्लाट में एक या दो परिवार के रहने के लिए जनसुविधाएं हैं, उस प्लाट पर अवैध फ्लैटों की वजह से 10 से 20 परिवार रहने लगे हैं। अवैध निर्माण करने वाले माफियाओं के लिए एनआइटी नंबर 5 सोने का अंडा देने वाला इलाका साबित हो रहा है। नगर निगम अधिकारियों की भरपूर मौज है। एक अवैध निर्माण माफिया के अनुसार नगर निगम के अधिकारियों को फ्लैट बनाने की एवज में प्रत्येक लैंटर के पचास हजार रुपए दिए जाते हैं। यानि कि एक बिल्डिंग में यदि चार व पांच मंजिल बनी हैं तो दो से ढाई लाख रुपए निगम अधिकारियों तक पहुंचाए जाते हैं। इस इलाके में सैंकड़ों फ्लैट बन रहे हैं, जिससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि निगम अधिकारियों को इस इलाके से कितनी आमदनी होती होगी ?


इस इलाके की खूबी यह है कि एनआईटी नंबर 5 में फ्लैट बनने के साथ ही बिकने शुरू हो जाते हैं। यही वजह है कि निगम अधिकारियों के सरंक्षण में अवैध निर्माण माफिया खूब फल फूल रहे हैं। लेकिन निगम को इसका खामियाजा राजस्व के तौर पर तो उठाना पड़ ही रहा है, साथ ही जनसुविधाओं को मुहैया करवाने का भी अतिरिक्त दबाव रहता है। अधिकांश फ्लैट पूरी तरह से अवैध बन रहे हैं। ना तो उनका नक्शा पास करवाया जा रहा है और ना ही कंपलीशन प्रमाण पत्र का कोई झंझट है। इसके अलावा अधिकांश फ्लैटों में पानी व सीवर के कनैक्शन पूरी तरह से अवैध तौर पर चल रहे हैं। इसका नुक्सान भी सीधे तौर पर निगम को उठाना पड़ रहा है। इस इलाके में नियुक्त इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारी अपने सरंक्षण में फ्लैटों को अवैध पानी व सीवर के कनैक्शन दिलवाते हैं , जिसकी एवज में उन्हें मोटा नजराना हासिल होता है। यदि जांच की जाए तो एनआईटी नंबर 5 में ही हजारों कनैक्शन अवैध मिलेंगे। तोडफ़ोड़ विभाग पूरी तरह से आंखें बंद किए हुए है और निगमायुक्त को इससे कोई मतलब ही नहीं है। इसलिए एनआईटी नंबर 5 पूरी तरह से अवैध निर्माणों का गढ़ बना हुआ है।


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