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Saturday, March 14, 2020

हरियाणा में 90 कानून अधिकारियों की नियुक्तिों में बंदरबांट, सत्ताधारियों को रेवड़ी की तरह बांटी गई नौकरियां ?


Chandigarh News (citymail news ) कानून अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर हरियाणा सरकार बुरी तरह से घिर गई है। निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के आधार पर नौकरी बांटने का दावा करने वाली मनोहर लाल सरकार पर 90 कानून अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर बंदरबांट करने के आरोप लग रहे हैं। चर्चा है कि भाजपा सरकार ने हरियाणा में 90 कानून अधिकारियों की नियुक्तियों में प्रभावशाली लोगों को तरजीह दी है। इन नियुक्तियों के बाद से मनोहर लाल सरकार की सभी नीतियां कठघरे में खड़ी कर दी गई हैं। बता दें कि राज्य की मनोहर लाल सरकार का दावा है कि वह हरियाणा में सभी नियुक्तियों को लेकर पूरी तरह से ईमानदारी बरती जाती है। मगर हाल ही में जिस तरह से बड़े अफसर, विधायक व जजों के परिजनों को कानून अधिकारी के पदों की रेवड़ी बांटी गई है, उससे भाजपा व जजपा सरकार के सभी दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। बता दें कि भाजपा व जजपा सरकार ने हाल ही में 90 कानून अधिकारियों की नियुक्तियां की हैं। इन नियुक्तियों में प्रभावशाली अधिकारी, सत्ताधारी नेता व जजों के परिजनों को स्थान दिया गया है।


 इस लिस्ट में स्व. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज, जुलाना से पूर्व विधायक परमिंद्र ढुल के बेटे रविंद्र ढुल, , पंचकूला में एडिशनल जज की पत्नी को भी कानून अधिकारी नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं, हरियाणा के पूर्व डीजीपी यशपाल सिंघल की बेटी महिमा यशपाल सिंघल, हरियाणा के जींद से विधायक कृष्ण मिड्ढा का रिश्तेदार पंकज मिड्ढा, बीजेपी नेता बच्चन सिंह आर्य का बेटा रणबीर आर्य, रिटायर्ड जज टीपीएस मान के रिश्तेदार संदीप सिंह मान, रिटायर्ड जज एसके मित्तल के रिश्तेदार संजय मित्तल को नियुक्त किया गया है। चंडीगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष अरूण सूद की पत्नी अंबिका सूद को भी एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सीनियर जज  की बेटी त्रिशांजली शर्मा को भी नियुक्त किया गया है। साथ ही जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह के बेटे की भी नियुक्ति हुई है।


इन नियुक्तियों को देखकर लगता है कि आम आदमी केवल मेहनत ही करता रहेगा, जबकि मलाईदार पदों पर प्रभावशाली परिवारों का ही बोलबाला रहेगा।


योगयता के आधार पर हुई हैं नियुक्तियां: अजय गौड़
मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव अजय गौड़ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। श्री गौड़ का कहना है कि मनोहर लाल सरकार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। जिन लोगों की नियुक्तियां हुई हैं, सभी योगयता के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल बयानबाजी करना है। मगर भाजपा व जजपा सरकार ने उन्हीं लोगों का चयन किया है, जो इन नियुक्तियों के लिए पात्र थे। सभी प्रकार की औपचारिकता के बाद ही ये नियुक्तियां की गई हैं। श्री गौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार का एकमात्र उद्देश्य है कि पूरी ईमानदारी से सरकार चलाना। जिससे विपक्ष बौखला गया है और वह सरकार को बदनाम करने के लिए इस प्रकार से अंनर्गल बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का काम कर रहा है। पंरतु जनता सब जानती है और वह विपक्ष के बहकावे में आने वाली नहीं है।


कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस नेता अनीशपाल ने मनोहर लाल सरकार पर केवल दिखावा करने का आरोप लगाया है। अनीशपाल का कहना है कि वह तो आरंभ से ही भाजपा सरकार की कथनी व करनी पर सवालिया निशान लगाते रहे हैं। इस सरकार ने अपने चरित्र को खुद अपने हाथों से उजागर कर दिया है। युवा कांग्रेस नेता गौरव चौधरी का कहना है कि भाजपा सरकार की नीतियां आम आदमी के लिए नहीं, बल्कि प्रभावशाली लोगों के लिए बनी हैं। भाजपा  सरकार इस लूट में शामिल है। जबकि ये सरकार बात केवल आम आदमी की करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता इस सरकार की नौंटकी को भली भांति समझ चुकी है।


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