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Thursday, March 5, 2020

श्री सिद्धदाता आश्रम ने दिलाया सैकड़ों लोगों को मोतियाबिंद से छुटकारा


Faridabad News (citymail news ) सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम आज मोतियाबिंद के जरूरतमंद रोगियों के लिए एक रोशनी बन चुका है। यहां पर समय समय पर इस रोग से पीडि़त व्यक्तियों की जांच एवं निशुल्क ऑपरेशन शिविर लगाए जाते हैं। अब तक 385 लोग इस बेदर्द रोग से यहां छु़टकारा पा चुके हैं। वहीं नित्य लगने वाली ओपीडी व स्वास्थ्य जांच शिविरों में हर वर्ष करीब 50 हजार लोग लाभ उठा रहे हैं। यह सभी सेवा कार्य  स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य  महाराज की अनुकंपा एवं दिशा निर्देशन में हो रहे हैं। देश विदेश से श्रद्धालुओं को अपनी ओर सहज आकर्षित कर रहा श्री सिद्धदाता आश्रम आज अपने नैतिक दायित्व कार्यों के कारण भी लोगों के दिलों में विशिष्ट छाप छोड़ रहा है। आश्रम प्रतिदिन हर जरूरतमंद व्यक्ति के लिए डिसपेंसरी की निशुल्क सेवा उपलब्ध रहती है वहीं हर रविवार को यहां पर निशुल्क चिकित्सा जांच एवं दवाइयां उपलब्ध होती हैं।


अब आश्रम की स्वास्थ्य सेवाओं में मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी एक बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। आश्रम द्वारा वर्ष में दो बार मोतियाबिंद की जांच एवं ऑपरेशन शिविरों का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 2020 में लगे दोनों शिविरों को मिलाकर कुल मोतियाबिंद शिविरों की संख्या भी 20 हो गई है, जिनमें 385 लोगों ने अपने मोतियाबिंद का निशुल्क और सफल ऑपरेशन करवाया है। मोतियाबिंद के पीडि़तों की जांच के लिए आश्रम परिसर में इस क्षेत्र की प्रवीण संस्था के सहयोग से शिविर का आयोजन किया जाता है। जांच के उपरांत सभी रिपोर्ट सही होने के बाद ऑपरेशन लायक मरीजों का चुनाव कर उन्हें दिल्ली ले जाया जाता है। जहां ऑपरेशन होने के बाद उन्हें निगरानी में रखा जाता है और उसके अगले दिन उन्हें आश्रम वापिस लाया जाता है। यह सभी व्यवस्था आश्रम एवं ऑपरेशन करने वाली संस्था संयुक्त रूप से करते हैं।


आश्रम में आयोजित शिविरों में आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, एलोपैथी, नैचुरोपैथी, एक्यूपे्रसर आदि विधियों से विशेषज्ञ चिकित्सक लोगों की जांच एवं परामर्श देते हैं। इनमें एमबीबीएस, एमडी, बीएएमएस, ईएनटी, गायनी आदि विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इसके अलावा आश्रम परिसर में डेंटल और फिजियोथेरेपी क्लिनिकों का भी निशुल्क संचालन हो रहा है। महाराज का कहना है कि धर्मस्थलों का एक ही मकसद है मानव मात्र प्रसन्न रहे। जिसका शरीर स्वस्थ्य होगा, उसके मन के स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए हमने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है।


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