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Thursday, March 12, 2020

फरीदाबाद में अवैध निर्माण के काले धंधे ने अधिकारियों को बनाया करोड़पति, धड़ाधड़ हो रहे हैं अवैध निर्माण


Faridabad News (citymail news ) नगर निगम अधिकारियों की मनमर्जी की वजह से शहर में अवैध निर्माणों का धंधा लोगों के लिए नासूर बना हुआ है। एक तो शहर में वैसे ही पार्किंग की समस्या सिरदर्द बनी हुई है, ऊपर से टे्रफिक जाम ने लोगों को हलकान कर दिया है। इन दोनों बड़ी समस्याओं की जड़ कुछ और नहीं बल्कि बड़े बड़े अवैध निर्माण हैं। हालांकि सरकार ने अवैध निर्माणों को रोकने के लिए नगर निगम के साथ साथ पुलिस विभाग को भी जिम्मेदारी दी हुई है। लेकिन निगम अधिकारियों ने इस धंधे को पूरी तरह से हाईजैक किया हुआ है। अवैध निर्माणों से लाखों रुपए की वसूली के धंधे ने निगम अधिकारियों को करोड़पति बना दिया है। शहर में इन दिनों एनआईटी बस अड्डे के सामने, कालीमाता मंदिर के सामने, दौलतराम धर्मशाला के सामने एवं एनआईटी नंबर 5 में डीसीपी आफिस के साथ बड़े बड़े बेसमेंटों की खुदाई कर धड़ाधड़ निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।


एनआईटी नंबर 5 में डीसीपी आफिस के साथ बनने वाले निर्माण के लिए ठेकेदार ने सडक़ पर ही लोहे का कंटेनर रखकर अपना दफ्तर भी खोल लिया है। इससे साबित होता है कि अवैध निर्माण का धंधा करने वाले कितने बैखोफ हैं। इस स्थिति को देखकर लगता है कि ये ठेकेदार निगम अधिकारियों को अपनी जेब में रखकर घूमते हैं। इनके अलावा एनआईटी नंबर 3 में बीकानेर चौक के आसपास भी धड़ल्ले से सडक़ों पर अवैध शोरूम बनाए जा रहे हैं। इन अवैध निर्माणों की वजह से ना केवल नगर निगम को राजस्व के तौर पर करोड़ों रुपए का नुक्सान पहुंच रहा है, बल्कि सडक़ों पर टे्रफिक जाम लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। इनके अलावा चिमनीबाई धर्मशाला से लेकर तिकोना पार्क तक अवैध निर्माणों की सील भी तोड़ दी गई है, मगर निगम अधिकारी चुपचाप सारा तमाशा देख कर हैं। इससे साबित होता है कि अवैध निर्माणों की उगाही के चलते अधिकारी अपनी आंखों को बंद करके बैठ गए हैं। निगम आयुक्त यश गर्ग भी अब समूचे हालात से अवगत हो गए हैं। इसलिए उन्होंने बुधवार को बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। लेकिन इन तबादलों के बाद व्यवस्था में क्या सुधार हो पाता है, उस पर सबकी निगाहें हैं।


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