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Wednesday, May 27, 2020

मंदी की मार से हैं परेशान तो ना घबराएं, बैंकों से मिलेगा अब कोरोना लोन




कोरोना व लॉकडाऊन की वजह से जिन लोगों को आर्थिक तौर पर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए यह खबर कुछ राहत दे सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने कोविड-19 के नाम पर लोन देने की सुविधा शुरू की है। यह लोन उन लोगों को आसानी से मिल सकेगा, जिनका बैंक रिकार्ड पहले से बेहतर है। जिन लोगों का बैंक में सैलरी एकाऊंट है या फिर उनकी किसी लोन को लेकर ईएमआई चल रही है, उन्हें कोविड लोन में प्रमुखता मिल सकेगी। यह बैंक केवल उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनका सिबिल रिकार्ड बढिय़ा है। 
आजतक के अनुसार लोन की राशि 75000 से पांच लाख रुपए तक की है, जिस पर ब्याज की दर 8 से पंद्रह प्रतिशत की हो सकती है। लोन पर कोई भी बैंक प्रोसेसिंग फीस की वसूली नहीं करेंगे। यह लोन 6 महीने से लेकर पांच साल तक के लिए मिल सकता है। यहां यह भी बता दें कि यदि कोई व्यक्ति पांच साल के लिए लोन लेकर यदि 6 महीने में ही उसे चुकता कर दे तो उस पर जुर्माना नहीं लगेगा। बता दें कि यह लोन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है और विशेष बात यह है कि यह लोन कोरोना काल में शुरू किया गया है तो इसलिए इसका नाम कोविड लोन पड़ गया है। बैंकों का कहना है कि इस लोन की साधारण दर पर्सनल लोन के ब्याज से कम होगी। बता दें कि इस समय मंदी को देखते हुए रिजर्व बैंक ने रुपए की तरलता सभी बैंको में बढ़ा दी है, यानि कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास रुपए का फ्लो तेज हो गया है। इसलिए वह कोरोना के  नाम को लोन से जोडक़र अपने ग्राहकों को रुपया मुहैया करवाने की योजना पर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस लोन के चलते आम आदमी, व्यापारी व उद्योगपति को खासी राहत मिल सकती है। कोरोना काल में लॉकडाऊन की वजह से हर आदमी का कारोबार लगभग ठप्प सा पड़ गया है। किसी भी व्यापारी या उद्योगपति के पास नकदी का संकट देखा जा रहा है। इसलिए सरकार व रिजर्व बैंक ने लोगों की लोन से मदद करने की योजना आरंभ की है। हालांकि यह अब देखना वाली बात होगी कि इस लोन के  लिए आगे आने वालों की संख्या कितनी होगी। 

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