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Sunday, May 24, 2020

हो जाएं सावधान: सिगरेट, हुक्का व बीडी पीने से फैल सकता है कोरोना

Palwal News (citymail news ) सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने बताया कि अधिकांश धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों का कहना है कि वे धूम्रपान छोडना चाहते हैं, लेकिन वो जारी रखते है क्योंकि उनका मानना है की धूम्रपान उनको तनाव और चिंता से राहत देता है। यह हमारे समाज में एक आम धारणा है कि धूम्रपान आपको तनावमुक्त करने में मदद करता है। लेकिन धूम्रपान वास्तव में चिंता और तनाव को बढ़ाता है। धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान, धूम्रपान करने वालों में अवसाद और अन्य मानसिक बीमारी ज्यादा पाई जाती है।
धूम्रपान इंसान के मस्तिष्क पर डालता प्रभाव
इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने बताया कि धूम्रपान मस्तिष्क में कुछ रसायनों के साथ हस्तक्षेप करता है। जब धूम्रपान करने वालों के पास थोड़ी देर के लिए सिगरेट नहीं होती है, तो धूम्रपान करने वाले चिडचिडे और चिंतित हो जाते है, लेकिन जब वे सिगरेट पी लते हैं तो उनको कुछ समय के लिए चिड़चिड़ापन और चिंता से अस्थायी रूप से छुटकारा मिल जाता है। इसलिए धूम्रपान करने वाले मूड और चिंता को धूम्रपान से जोड़ते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि धूम्रपान की मदद से हम मानसिक तनाव को दूर कर सकते है। बल्कि सच यह हैै कि लंबे समय धूम्रपान करने वालों को जीवन प्रत्याशा के साथ खराब मानसिक स्वास्थ्य पाया जाता है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मदीप के अनुसार अधिक धूम्रपान अवसाद और चिंता से पीडि़त लोगो के जीवन को 10 से अधिक वर्षों तक छोटा कर सकते हैं।
हुक्का का सेवन भी हानिकारक
डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि हरियाणा में धूम्रपान करने वाले हुक्का को अपनी पहली पसंद मानते  है और ज्यादातर हरियाणवी मानते हैं कि हुक्का आतिथ्य सत्कार के लिए जरूर होना चाहिए तथा अन्य धूम्रपान की तुलना में हुक्का को सुरक्षित होने का दावा करते है। यहां तक कि गांव मे हुक्का को गैस्ट्रिक समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक दवा माना जाता है, लेकिन इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है लेकिन हुक्का से कोविड-19 के संक्रमण सहित कई अन्य संचारी रोग जैसे हेपेटाइटिस, तपेदिक, मुंह में कैंसर और मेनिनजाइटिस फैल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वालों मे कोविड-19 का संक्रमण फैलने की अधिक संभावना है क्योंकि धूम्रपान के लिए उंगलियां (संभवत: दूषित सिगरेट) होंठों के संपर्क में लाई जाती है जो हाथ से मुंह तक वायरस के संचरण की संभावना को बढ़ाता है। धूम्रपान करने वालों को पहले से ही फेफड़े की बीमारी हो सकती है या फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। उन्होंने सफलतापूर्वक और स्थायी रूप से धूम्रपान छोडऩे के लिए टिप्स बताए। उन्होंने बताया की सबसे पहले छोडऩे के फायदों के बारे में सोचें। बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य, ताजा सांस, बेहतर एकाग्रता और धनराशि कीबचत। तनाव से निपटने के लिए वैकल्पिक तरीके खोजें। शराब और सिगरेट का इस्तेमाल आमतौर पर तनाव से निपटने के लिए किया जाता है, लेकिन अन्य स्वास्थ्यवर्धक तरीके भी हैं जैसे - नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार, ध्यान व दोस्तों और परिवार से बातचीत करना, तनावपूर्ण घटनाओं या परिस्थितियों का सामना करना, तनाव के स्रोतों की पहचान करना आदि। इससे निपटने के रास्ते पर  कदम बढाएं। उन्होंने बताया कि व्यक्ति इसके साथ-साथ सरकारी अस्पताल पलवल में मनोवैज्ञानिक परामर्श की सहयता भी ले सकते है। धूम्रपान छोडऩे की कोशिश कर रहे लोगों की मदद करने के लिए टॉकिंग थेरेपी उपलब्ध है। संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) के द्वारा भी व्यवहार को बदलने में मदद की जाती है।

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