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Wednesday, May 27, 2020

फरीदाबाद में अखबार बांटने वाले हुए परेशान, सिर पर आन पड़ा रोटी का संकट


अखबार बांटने वाले हॉकरों के सामने बड़ी दिक्कत आ खड़ी हुई है। कोरोना के डर से लोग अखबार लेने से बच रहे हैं। कई हाऊसिंग सोसायटियों ने जबरन हॉकरों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। इससे अखबार बांटने वाले हॉकरों पर रोजी रोटी का संकट मंडराने लगा है। अपनी व्यथा को लेकर बुधवार को सभी अखबारों के हॉकर उपायुक्त यशपाल यादव के दरवाजे पर पहुंचे और अपनी पीड़ा उनके सामने जाहिर की। उपायुक्त को ज्ञापन देकर बताया गया है कि अखबार बंद कर देने से उनके दो से तीन महीने के बिल भी बकाया पड़े रह गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यतौर पर गे्रटर फरीदाबाद की अनेक सोसायटियों ने जबरन उनके लिए गेट पर ताले लगा दिए हैं। जबकि उनकी वजह से कोरोना का प्रसार किसी भी सूरत में हो ही नहीं सकता। वह अपने ग्राहक के संपर्क में आते ही नहीं हैं। सुबह 4 से लेकर 6 बजे तक वह अखबार डालकर चले जाते हैं। अखबारों को सेनीटाईज करने की व्यवस्था भी पहले से हो रही है।  उन्होंने कहा कि जिन अखबारों की वजह से उनके परिवार पल रहे हैं, फिर वह उनके  वितरण को लेकर लापरवाही बरत ही नहीं सकते। वह अपनी रोजी रोटी के साथ कैसे खिलवाड़ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक सोसायटिज में दूध व सब्जी वालों को भी एंट्री दी जा रही है, मगर उनके लिए गेट बंद हैं। जोकि उनके मौलिक अधिकारों के साथ हनन किया जा रहा है। उनके अनुसार प्रत्येक सोसायटी में सैंकड़ों फ्लैट हैं, जिनमें उनके अखबारों का काफी अधिक संख्या में वितरण होता है। इससे उनके परिवारों का पालन हो रहा है। लेकिन कई सोसायटी की आरडब्ल्यूए द्वारा जबरन उनका यह काम रोककर उनके परिवारों के लिए संकट पैदा कर दिया है, जोकि उनके जीवन जीने के मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए उनकी मांग है कि सभी आरडब्ल्यूए को बताया जाए कि समाचार पत्र की वजह से कोरोना का प्रसार नहीं होता है और यह जरूरी सेवा में शामिल है। इसलिए किसी भी हॉकर को समाचार पत्र वितरण का कानूनी अधिकार प्राप्त है और उन्हें रोका जाना गलत होगा। उपायुक्त यशपाल ने सभी की बात को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले में जल्द ही उचित कदम उठाएंगे। बता दें कि बहुत से लोगों में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई कि अखबारों की वजह से कोरोना का प्रसार हो रहा है। इसलिए बहुत सी आरडब्ल्यूए ने अपने सैक्टर व सोसायटी में अखबारों के बांटने पर रोक लगा दी है। जिससे ना केवल हॉकरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है, बल्कि उनके परिवार भी इससे बेहद परेशान हैं। वहीं सभी अखबारों के संस्थानों द्वारा बार बार यह कहा जा रहा है कि वह कोरोना के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरतते हुए अखबारों को सेनीटाईज करवाकर ही उनका प्रसार करवाते हैं। लेकिन लोगों में अभी भी डर नहीं जा रहा है। मगर वहीं इससे अखबार बांटने के काम में लगे हजारों लाखों लोगों की रोजी रोटी संकट में पड़ गई है। 



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