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Friday, May 15, 2020

सुर्खियों में हरियाणा का शराब घोटाला, फंस सकते हैं अफसर व बड़े नेता


Chandigarh News (citymail news) हरियाणा में एक पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद राज्य का शराब घोटाला खासी सुर्खियां बटोर रहा है, साथ ही प्रदेश के कई बड़े राजनेता व अधिकारियों की सांसें अटकी हुई हैं। हरियाणा में शराब घोटाले के लिए बनाई गई एसआईटी ने पांच जिलों को लपेट लिया है। शराब घोटाले में पूर्व विधायक सतविंदर राणा की गिरफ्तारी से प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी जेजेपी पर भी लोग उंगलियां उठाने लगे हैं। राज्य में अब तक पांच जिलों में शराब घोटाले की जांच पूरे जोर शोर से चल रही है। सोनीपत के खरखौंदा, पानीपत के समालखां व रेवाडी से सरकारी कब्जे में रखी हजारों पेटी शराब पुलिस व अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से बेच दी। इसी प्रकार नारनौंल में पुलिसकर्मियों ने 70 पेटी नष्ट करने के लिए ली और माफियाओं को बेच दी। लॉकडाऊन से पहले फतेहाबाद से भी ढाई लाख शराब की बोतलें गायब कर दी गई। बता दें कि लॉकडाऊन लागू होते ही हरियाणा का आबकारी विभाग अपनी मनमानी पर उतर आया था। बंद ठेकों के भीतर से मिलीभगत के चलते जमकर शराब बेची गई। अब स्टॉक कम पाया जा रहा है तो ठेकेदार भी मुसीबत में दिखाई देने लगे हैं। मुख्यतौर पर सरकारी स्टॉक में जमा शराब को अवैध तरीके से जमकर बेचा गया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने इस घोटाले पर संज्ञान लिया और एक एसआईटी बनाने की पहल की। मुख्यमंत्री ने इस एसआईटी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टीसी गुप्ता, एडीजीपी व खुर्राट आईपीएस सुभाष यादव एवं आबकारी विभाग के कमिशनर विजय सिंह को शामिल किया गया। इसके अलावा जिला स्तर पर उपायुक्तों ने भी अपने स्तर पर कमेटियों का गठन किया है। इस मामले में कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को सस्पैंड करने के साथ साथ अनेक माफियाओं को गिरफ्तार भी किया गया है। माना जा रहा है कि यदि यह जांच बिना किसी दबाव के हुई तो राज्य में कई बड़े सत्ताधारी, अधिकारी व रूतबेदार लोगों के चेहरों से नकाब हट सकता है। 


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