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Tuesday, May 26, 2020

देख लो नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारी कैसे करवाते हैं अपनी प्रमोशन



भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी एस.ई. बनने की तैयारी में, सीएम के पास पहुंची शिकायत
Faridabad News (citymail news ) तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखकर हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी विभाग में प्रमोशन की रेवड़ी बांटी जा रही है। जिसे देखो वह नियमों को ठेंगा दिखाकर तरक्की पर तरक्की लेने में लगा है। जूनियर इंजीनियर से एसडीओ, एसडीओ से एक्सईएन व एक्सईएन से एस.ई. बनने के लिए अधिकारियों में होड लगी हुई है। हाल ही में नगर निगम फरीदाबाद के तीन एक्सईएन को एस.ई. की प्रमोशन दी गई हैं। हालांकि इनके खिलाफ तमाम शिकायतें  विभाग के पास थीं, मगर सभी को दरकिनार कर तीनों अधिकारियों को प्रमोशन दे दी गई। इसी प्रकार से नगर निगम के कई एसडीओ स्तर के अधिकारी योगयता ना होने के बावजूद एक्सईएन की प्रमोशन के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट एवं समाजसेवी विष्णु गोयल ने ऐसी तमाम शिकायतें मुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री सहित विभाग के बड़े अधिकारियों को भेजी हैं, जिनमें भ्रष्टचार के आरोपी अधिकारियों को प्रमोशन देने पर सवाल उठाया गया है। मंगलवार को फिर से श्री गोयल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं लोकल बॉडी मंत्री अनिल विज को नगर निगम फरीदाबाद के एक्सईन विजय ढाका के खिलाफ शिकायत भेजी है। जिसमें कहा गया है कि एक्सईएन विजय ढाका का नगर निगम में विलय बिल्कुल गलत तरीके से हुआ था। वह पावर कारपोरेशन से वर्ष 2017 में नगर निगम गुरूग्राम में मर्ज होकर आए थे। जोकि नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। उनका मर्ज होना बिल्कुल गलत था। विष्णु गोयल ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके मर्जर पत्र में स्पष्ट था कि वह जूनियर मोस्ट अधिकारी के तौर पर कार्यरत रहेंगे। लेकिन इसके बावजूद सरकार वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर विजय ढाका को प्रमोशन देने पर तुली है। शिकायत में विष्णु गोयल ने कहा है कि विजय ढाका पर गुरूग्राम में 566 करोड़ का घपला करने का आरोप है। तत्कालीन लोकल बॉडी मंत्री श्रीमति कविता जैन ने विजय ढाका सहित अनेक अधिकारियों को सस्पैंड भी किया था। हालांकि उन पर चल रही यह जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है, उस जांच को पूरी किए बिना उक्त अधिकारी को प्रमोशन का तोहफा दिया जा रहा है। विष्णु गोयल ने अपनी शिकायत में कहा है कि 6 महीने पहले एक्सईएन विजय ढाका की प्रमोशन की फाईल पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आर के खुल्लर ने एल.आर. रिपोर्ट तलब कर ली थी। इस रिपोर्ट में विजय ढाका को प्रमोशन ना देने की बात कही गई थी। मगर उस फाईल को दबाकर लोकल बॉडी विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत करके फिर से एक्सईएन विजय ढाका की फाईल चला दी है। यह फाईल फिलहाल मंत्री अनिल विज के कार्यालय में पहुंच चुकी है, जिसे जल्द ही स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि एक्सईएन से एस.ई. की प्रमोशन के लिए कम से कम सात साल का अनुभव चाहिए, मगर इस अधिकारी को मात्र तीन साल का ही अनुभव है। ये अधिकारी प्रमोशन के किसी भी पैरामीटर पर फिट नहीं बैठ रहे, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते उन्हें जबरन एस.ई. की प्रमोशन दी जा रही है। शिकायकर्ता ने इस अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच को पूरा करने और प्रमोशन को रोकने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर संंबंधित अधिकारी से उपरोक्त शिकायत को लेकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं इस बारे में एक्सईएन विजय ढाका ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि वह योगयता रखते होंगे तो उन्हें प्रमोशन मिल जाएगी। यदि नहीं रखते तो  नहीं मिलेगी। सरकार ने ही उन्हें बिजली कारपोरेशन से नगर निगम में ट्रांसर्फर किया है, वह खुद तो आए नहीं थे। यदि उनकी फाईल पर सरकार को लगेगा कि प्रमोशन दी जानी चाहिए तो मिल जाएगी, यदि सरकार उन्हें इस योगय नहीं समझेगी तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। 


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